यह देश है लुटेरों का, चोरों का और डकैतों का, इस देश का यारों, भगवान ही मालिक, यहां मदमस्त अफसर, झूमा करते अपनी मस्ती में,
यहां खद्दरधारी शक्लें, चूसती हैं खून कमजोरों का,  इस देश का चौथा खम्बा भी, झूमें दलाली की मस्ती में, यहां जवानी हुई बरबाद , देश भक्ति की जुनूनी में, यह गांधी बाबा का देश, शाम को झूमें, बेरोजगारी की मस्ती में,

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